उर्दू क़वायद (व्याकरण) मेंइज़ाफ़ततथाअत्फ़का एक विशेष महत्त्व है, ये दो शब्दों के जोड़ने का एक तरीका है | इस ब्लॉग में इसे ही समझने समझाने की कोशिश की है | इस ब्लॉग में साझा की जा रही जानकारी मैंने अपने पिता जी के पुराने नोट्स से हासिल की है | आपसे गुज़ारिश है इस सन्दर्भ में यदि आप कोई सुझाव जानकारी देना चाहे तो स्वागत है |

अमित हर्ष . . . . . . . . . . . फेसबुक लिंक = https://www.facebook.com/amit.harsh

Friday, June 27, 2014



:: नमून--इज़ाफ़त || इज़ाफ़त के उदाहरण ::


गर्दिश--दौरां
: गर्दिश का दौर || विपत्ति का समय   
गुल--तर
: तर गुल
ज़ेर--आस्तीन
: आस्तीन के नीचे
तबादला--ख़याल
: ख्यालों का तबादला, विचारों का आदान-प्रदान यानी बातचीत 
दिल--नादाँ
: नादान दिल
नक़ाब--रुख़
: चेहरे का नक़ाब
बेचारगि--इश्क़
: इश्क़ की बेचारगी 
मस्ति--शबाब
: शबाब की मस्ती
मुग़ल--आज़म
: आज़म मुग़ल, महान मुग़ल (बादशाह अकबर को दी गई एक उपाधि)
मौसम--गुल
: गुल का मौसम, फूलों की ऋतु
वाद--करम
: करम का वादा
शरीक--हयात
: हयात में शरीक (‘पत्नीके लिए प्रयोग की जाती है येइज़ाफ़त)
सूरत--यार
: यार की सूरत



:: नमून--अत्फ़ || अत्फ़ के उदाहरण ::


गुल--बुलबुल
: गुल और बुलबुल
शाम--सहर  
: शाम और सहर 
शब--रोज़
: शब् और रोज़ 
रात--दिन
: रात और दिन
गुंच--गुल
: गुंचा और गुल
सादगि--शोख़ी
: सादगी और शोख़ी


:: नमून--अत्फ़-ओ-इज़ाफ़त || अत्फ़-ओ-इज़ाफ़त के उदाहरण ::

क़ैद--हयात--बंद--ग़म
: हयात की क़ैद और ग़म का बंद
  यानी जीवन की क़ैद और दुःख का बंधन 

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